लाइपोफिलिक डाइट क्या है, इसे सही तरीके से कैसे अपनाएँ

08 दिसम्बर, 2019
इसके परिणाम बहुत ही हैरान करने वाले हो सकते हैं। तो भी किसी तरह की परेशानी की संभावना ख़त्म करने के लिए  लाइपोफिलिक डाइट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बात कर लें।
 

लोग हमेशा वजन कम करने के लिए नए तरीके खोजते रहते हैं। कुछ किलो वजन घटाने में मदद करने का दावा करने वाले नए प्रोडक्ट हर दिन दिख रहे हैं। आज हम लाइपोफिलिक डाइट की बात करने जा रहे हैं, जो इधर काफी लोकप्रिय हो गयी है।

यह डाइट आपको चार महीनों में लगभग 40 से 60 पाउंड वजन घटाने में मदद करने का दावा करती है। यह एक एक्सट्रीम डाइट है जिसे आपको अनिश्चित काल तक नहीं अपनाना चाहिए। क्योंकि यह आपको कुछ फ़ूड ग्रुप के खाद्यों को खाने की सुविधा नहीं देती है।

लाइपोफिलिक डाइट क्या है (What Is the Lipophilic Diet)?

लाइपोफिलिक डाइट किसी भी किस्म की प्रोसेसिंग के बिना नेचुरल खाद्य पदार्थों को खाने पर आधारित एक डाइट प्लान है। यह थोड़ी-थोड़ी मात्रा में फल और सब्जियां खाने की सलाह देता है।

पैक किए गए खाद्य पदार्थ, चाहे वे प्राकृतिक हो या प्रोसेस्ड, पूरी तरह से वर्जित होते हैं। कोई भी खाद्य पदार्थ जिसमें फैट, नमक या कृत्रिम स्वीटनरटाइप 2 डायबिटीज के मरीज़ों के लिए 7 फायदेमंद जड़ी-बूटियाँ शामिल हैं, वर्जित हैं।

लाइपोफिलिक डाइट लक्ष्य क्या है?

इस डाइट का मुख्य टार्गेट प्रोसेस्ड फ़ूड के सेवन से बचना है। यह कोई रहस्य नहीं है कि इनमें से अधिकांश खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य समस्याओं (डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर) का कारण बनते हैं और बड़ी मात्रा में इनका सेवन अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचाता है।

यह डाइट प्रोसेस्ड फ़ूड की खपत घटाकर उनके नकारात्मक प्रभावों को उलट देना चाहता है। हालाँकि, याद रखें कि कुछ रोग रिवर्सिबल नहीं हैं। यहां तक ​​कि कुछ को आजीवन देखभाल की ज़रूरत होती है, इसलिए जब आप इस डाइट को शुरू करते हैं तो आपको अपने मेडिकल फॉलो-अप की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।

इस लेख पर नज़र डालें: ट्राइग्लिसराइड्स कम करने के लिए वीकली डाइट प्लान

इस डाइट का पालन कैसे करें

लाइपोफिलिक डाइट

लाइपोफिलिक सिएट के दो स्टेप हैं:

 

स्टेप 1

इस पहले स्टेप 1 में, आपको अपनी नई लाइफस्टाइल के अनुकूल होना होगा। यह चार महीने तक रहता है और आमतौर पर सबसे जटिल और सख्त अवस्था है। इस स्टेप में आपको फ़ूड तैयार करने के नए तरीकों का उपयोग करना होगा और यदि आप सही मात्रा में नहीं लें तो भूख महसूस कर सकते हैं।

इसके अलावा, इस चरण के दौरान भोजन का समय बहुत सख्त होता है और इसे बदला नहीं जा सकता है। इस दौरान मेटाबोलिज्म को तेज करने और फैट जलाने में मदद के लिए हर 120 मिनट में खाना खाने की सलाह दी जाती है

स्टेप 2

यह स्टेप पिछले चरण के नतीजों को बनाए रखने पर केंद्रित है। सिद्धांत रूप में, यह लगभग चार महीने तक चलना चाहिए लेकिन कुछ लोग इसकी अवधि बढ़ा लेते हैं।

इस डाइट को शुरू करने का निर्णय लेने से पहले, अपने चिकित्सक से सलाह लें और यह निर्धारित करने के लिए आवश्यक लैब टेस्ट कराएँ कि यह आपकी समग्र सेहत के लिए एक अच्छा विचार है या नहीं।

इसे भी आजमायें : हाई ब्लड प्रेशर को कम करने वाले अन्न, फल और सब्जियां

जिन खाद्यों से परहेज किया जाना चाहिए

आप पहले से ही महसूस कर चुके हैं, आपको इस डाइट का पालन करने के लिए कई खाद्य पदार्थों से बचना होगा। मूल रूप से आपको ऐसी किसी भी चीज़ से बचना होगा जो नेचर से नहीं आती है। हालांकि, कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ भी हैं जिनसे आपको बचना चाहिए, जैसे शराब, चीनी और सिरका।

आप सामन मछली और सॉसेज जैसे प्रोटीन भी नहीं खा सकते हैं।

इसके अलावा, आपको उन फलों से बचना होगा जिनमें चीनी की ऊँची मात्रा है। आम, केले, खरबूजे, अंजीर और अनानास हैं। आपको ककड़ी, बैंगन, फूलगोभी और गाजर को भी अपने खाने से निकलना होगा।

कुकीज़, ब्रेड, और पास्ता भी मेनू से बाहर होने चाहिए।

जो खाद्य आप खा सकते हैं

लाइपोफिलिक डाइट : जो खाद्य आप खा सकते हैं

जैसा कि आप देख सकते हैं, परहेज किये जाने वाले खाद्य पदार्थों की सूची बहुत लंबी है। हालांकि ऐसे खाद्य भी हैं जिन्हें आक खा सकते हैं। आप फैट मुक्त रेड मीट, मछली और चिकेन खा सकते हैं। सुनिश्चित करें कि जब आप उन्हें पका रहे हों तो किसी भी किस्म का फैट न डालें। आप उन्हें उबले हुए, बेक्ड या सूप में पका सकते हैं।

 

अन्य प्रोटीन जो आप खा सकते हैं वे हैं एग वाइट, स्किम्ड लैक्टोज-फ्री दूध, और कम फैट वाली दही। इन खाद्य पदार्थों को खाकर आप हृदय रोग और खराब कोलेस्ट्रॉल का जोखिम कम करते हैं।

इसके अलावा, आप सब्जियों और हरी पत्तियों जैसे कि लेट्यूस, सेलरी और हरी धनिया के साथ सब्जियां खा सकते हैं क्योंकि वे फाइबर के कारण सबसे अधिक फायदेमंद होती हैं।

वर्जित खाद्य पदार्थों की सूची से बाहर आप कोई भी फल खा सकते हैं। बस यह ध्यान रखें कि इनका ज्यादा सेवन आपके ब्लड शुगर पर असर डाल सकता है, भले ही आप कम शुगर वाले फल क्यों न चुनें।

निष्कर्ष

अब जब आप जानते हैं कि लाइपोफिलिक डाइट क्या है, तो आप यह तय कर सकते हैं कि इसे अपनाना है या नहीं। निर्णय लेने से पहले, हम आपको यह पता लगाने की सलाह देते हैं कि यह आपके लिए सही है या नहीं। हर कोई इसका पालन कर सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह लिए बिना इसे न अपनाएँ।

 
  • Kearns CE., Schmidt LA., Glantz SA., Sugar industry and coronary heart disease research. JAMA Intern Med, 2017.
  • Zhao Y., Wang L., Xue H., Wang H., Wang Y., Fast food consumption and its associations with obesity and hypertension among children: results from the baseline data of the childhood obesity study in china mega cities. BMC Public Health, 2017.