4 प्राकृतिक नुस्खे: मोतियाबिंद के इलाज़ में मदद करने के लिए

25 अगस्त, 2018

आई-ड्रॉप मोतियाबिंद (ग्लूकोमा) के इलाज़ के लिये इस्तेमाल होने वाली सबसे आम दवा होती है। हालांकि पिछले कुछ समय से लोग वैकल्पिक उपचारों में प्राकृतिक नुस्खों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इन उपचारों में ऐसे पोषक तत्वों का इस्तेमाल किया जाता है जो विजन में सुधार करते हैं और जटिलताओं को कम करते हैं।

दुनिया भर में लोग इन नुस्खों का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि ये ऑक्युलर प्रेशर को कम करने और मोतियाबिंद के कई लक्षणों को कम करने के लिए शानदार ढंग से काम करते हैं। हालाँकि, ये नुस्खे आपके डॉक्टर द्वारा सुझाये गये ट्रीटमेंट प्लान की जगह नहीं ले सकते, लेकिन ये ट्रीटमेंट में मदद ज़रूर कर सकते हैं।

इस मामले में सबसे अच्छे नुस्खे क्या हैं? उन्हें आप घर पर कैसे बना सकते हैं? मोतियाबिंद और इसे ठीक करने वाले कुछ प्राकृतिक उपचारों के बारे में जानने के लिए पढ़ते रहिये।

मोतियाबिंद (ग्लूकोमा) क्या है? (What is glaucoma)

मोतियाबिंद यानि ग्लूकोमा क्या है

मोतियाबिंद एक मेडिकल कंडीशन है जो तब होता है जब इंट्राऑक्युलर प्रेशर बढ़ जाता है। इसकी वजह से ऑप्टिक नर्व में खराबी आ जाती है। यह एक डिजेनरटिव बीमारी है और अगर समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो यह अंधता का कारण बन सकती है। जिस परिवार में यह स्थित पहले रह चुकी है, उस परिवार के बुजुर्गों और मरीजों को मोतियाबिंद होने का जोखिम काफी ज्यादा होता है।

इसकी रोक-थाम के लिए आँखों की सामान्य जांच-परख करवानी जरूरी है क्योंकि कई बार, इसके कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।मोतियाबिंद की वजह से खोई हुई आँखों की रोशनी वापस नहीं पाई जा सकती, लेकिन वक्त रहते देख-भाल करने से इससे होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है या रोका जा सकता है।

मोतियाबिंद के लक्षण (Glaucoma symptoms)

मोतियाबिंद के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि यह कितना एडवांस है। फिर भी, आगर आपको कुछ भी गड़बड़ी महसूस होती है तो आपको इसकी जांच करवानी चाहिए। समय रहते सही इलाज हो सके इसके लिये जरूरी है कि शुरुआत में ही इसका पता लग सके।

मोतियाबिंद ओपन-एंगल या एंगल-क्लोजर हो सकते हैं। आइए इन लक्षणों पर एक नज़र डाल लेते हैं।

ओपन-एंगल मोतियाबिंद

  • पेरिफेरल या सेंट्रल विज़न में काले धब्बे, एक या दोनों आंखों पर
  • टनल विज़न (एडवांस्ड स्टेज)
  • हल्का सिरदर्द
  • लगातार लेंस बदलने की जरूरत
  • हेलो विज़न

एंगल-क्लोजर मोतियाबिंद

  • तेज सिरदर्द
  • आँखों में दर्द और थकान
  • मतली और उल्टी
  • धुंधली नजर (Blurry vision)
  • हेलो विज़न
  • लाल आंखें
  • पुतलियों की अंधेरे के साथ ताल-मेल में गड़बड़ी

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मोतियाबिंद के इलाज़ के लिए प्राकृतिक नुस्खे

मोतियाबिंद के सभी मामलों में लक्षणों की सटीक पहचान और सही ट्रीटमेंट के लिए खास मेडिकल देख-रेख की जरूरत है। मोतियाबिंद की पुष्टि  करने वाले मेडिकल जांच में टोनोमेट्री, विजन कैंप टेस्ट और गोनोस्कोपी (ड्रेनेज एंगल की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाला) शामिल हो सकते हैं।

ट्रीटमेंट का मकसद इंट्राऑक्युकुलर प्रेशर को कम करना होता हैं। आई-ड्रॉप और दवाइयों के साथ-साथ, रोगी कुछ घरेलू नुस्खे भी अजमा सकते हैं।

1. सौंफ़ के दानों की चाय (Fennel seed tea)

हर दिन सौंफ़ की चाय पीना वाटर रिटेंशन और सर्कुलेशन से जुड़ी समस्याओं से मुकाबला कर सकता है, जिससे मोतियाबिंद के इलाज में मदद मिलती है। यह एक “जादुई” औषधि तो नहीं है जो बीमारी को रोक सके, लेकिन यह इसके लक्षणों को कम करने में काफी मददगार है

जरूरी चीजें

  • 2 छोटे चम्मच सौंफ़ के दाने (10 ग्राम)
  • 1 कप उबलता हुआ पानी (250 मिलीलीटर)

बनाने का तरीका

  • उबलते हुये पानी के कप में सौंफ़ के दाने मिलायें और ढक्कन रख दें।
  • इसे 10 से 15 मिनट तक ठंडा होने के लिये छोड़ दें और फिर छान लें।

पीने का तरीका

  • एक कप चाय सुबह और फिर एक कप चाय दोपहर में पियें।

2. अमर बेल की चाय (Mistletoe tea)

अमर-बेल में ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो हमारी आँखों की रोशनी को सुरक्षित रखने और आंखों की थकान को कम करने में मदद करते हैं। अमर-बेल ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी फायदेमंद है, जो ग्लूकोमा के इलाज के लिये सबसे जरूरी है।

जरूरी चीजें

  • 1 बड़ा चम्मच अमर-बेल (15 ग्राम)
  • 1 कप पानी (250 मिलीलीटर)

बनाने का तरीका

  • अमर-बेल को एक कप पानी में डालें और फिर 5 मिनट तक उबालें।
  • उबालने के बाद इसे 10 मिनट तक ठंडा होने के लिए छोड़ दें और फिर छान लें।

पीने का तरीका

  • हर दिन थोड़ी सुबह होने के बाद एक कप पियें।

3. गाजर का जूस (Carrot juice)

मोतियाबिंद-गाजर

गाजर के जूस में विटामिन A होता है, जो आँखों के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है। इस तरह, अपनी डाइट में गाजर शामिल करने से आपकी नाईट विजन में सुधार होगा और मोतियाबिंद बढ़ने के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।

जरूरी चीजें

  • 2 बड़े गाजर
  • 1 गिलास पानी (200 मिलीलीटर)

बनाने का तरीका

  • गाजर को छीलें और काट लें।
  • एक गिलास पानी के साथ उन्हें ब्लेंड करें।
  • ध्यान रखें कि ड्रिंक पूरी तरह से ब्लेंड हो चुका हो और फिर उसे छाने बिना एक गिलास में डाल दें।

पीने का तरीका

  • हर रोज एक गिलास जूस पियें।

4. कैमोमाइल अर्क (Chamomile infusion)

मोतियाबिंद-कैमोमाइल

कैमोमाइल का फूल आँखों से जुड़ी परेशानियों से निपटने का एक पारंपरिक नुस्खा है। इसमें ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो आँखों के टिश्यू को आराम पहुंचाते हैं और उन्हें ताजगी का अहसास कराते हैं। इसलिए, मोतियाबिंद से आने वाले ऑक्युकुलर प्रेशर को कम करने के लिए कैमोमाइल की चाय बहुत फायदेमंद होती है।

जरूरी चीजें

  • 3 बड़े चम्मच कैमोमाइल के फूल (45 ग्राम)
  • 2 कप पानी (500 मिलीलीटर)

बनाने का तरीका

  • एक बर्तन में दो कप पानी और कैमोमाइल के फूलों को गर्म करें।
  • इसके बाद, इसे ढक दीजिये और 15 या 20 मिनट ठंडा होने के लिए रख दें।
  • समय पूरा होने के बाद अर्क को छान लें।

इस्तेमाल करने का तरीका

  • जब भी आंखों के आस-पास सूजन महसूस हो तो इस अर्क का इस्तेमाल करके अपनी आँखों के आस-पास के हिस्से को धोयें।

इन नेचुरल औषधियों के अलावा आप आँखों की एक्सरसाइज आजमा सकते हैं और स्वस्थ डाइट के लिये अपनी डाइट में सुधार कर सकते हैं। हालाँकि ये सब मोतियाबिंद का इलाज नहीं करेंगे, लेकिन ये अच्छी आदतें इस स्थिति को ज्यादा ख़राब होने से रोक सकती हैं।

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