वेरीकोस वेंस का इलाज करने का लाजवाब तरीका: एलोवेरा, गाजर और एप्पल साइडर विनेगर

मई 27, 2018
ऐसे तो वेरीकोस वेंस होना काफी परेशानी की बात है लेकिन आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि आप एक बहुत ही सीधे-सादे तरीके से इनका इलाज कर सकते हैं। यह गजब का उपाय इस समस्या के कारण को ही नष्ट कर देता है।

क्या एलोवेरा, गाजर और सेब का सिरका जैसी मामूली चीजें वेरीकोस वेंस जैसी गंभीर समस्या से छुटकारा दिला सकती हैं? जी हाँ!

शायद आपने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि आपकी इतनी बड़ी परेशानी को दूर करने की जड़ी बूटियां आपके घर में ही मौजूद हैं।

जैसा कि आप जानते हैं वेरीकोस वेंस त्वचा की सतह के पास वाली नसें होती हैं जो चौड़ी हो जाती हैं। ये ज्यादातर पैरों और टखनों में होती हैं।

  • जब वेनस वाल्वस ठीक से काम नहीं करते हैं तो रक्त जमा हो जाता है। इसलिए परिचरण तंत्र के उचित रूप से काम न करने पर वेरीकोस वेंस बन जाती हैं।
  • जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है उनको वेरीकोस वेंस होने का अधिक खतरा होता है। ये ज्यादातर गर्भावस्था में दिखाई देती हैं।
  • अगर आप कोई ऐसा जॉब करते हैं जिसमें ज्यादा देर तक खड़े होकर काम करना पड़ता है तो भी वेरीकोस वेंस हो सकती हैं।
  • ये महिलाओं और बुजुर्गों में ज्यादा पायी जाती हैं।

वेरीकोस वेंस सिर्फ देखने में बदसूरत नहीं होती हैं, इनकी वजह से जलन या असुविधा भी हो सकती है।

वेरीकोस वेंस के प्रकार

वेरीकोस वेंस के प्रकार

ऐसे देखने में सब वेरीकोस वेंस एक सी लगती हैं पर सच्चाई कुछ और ही है।

इनके विकास के चरण होते हैं जिनके हिसाब से इनके रंग और रूप की गहनता अलग-अलग होती है।

इन भेदों के अनुसार हम इनको चार अवस्थाओं में विभाजित कर सकते हैं –

फेस 1 वेरीकोस वेंस

  • इस पहली फेस में ये वेंस पतली होती हैं और इनका हल्का बैंगनी रंग होता है। कभी-कभी ये एक तारे जैसा आकार बना सकती हैं। ऐसे में इनको स्पाइडर वेंस कहते हैं।
  • आमतौर पर इस तरह की वेंस सिर्फ देखने में बुरी लगती हैं। लेकिन कभी-कभार इनके कारण पैरों में भारीपन महसूस हो सकता है या थकान लग सकती है।

फेस 2 वेरीकोस वेंस

दूसरी फेस में ये वेंस ज्यादा दिखाई देती हैं और कई लक्षण बार-बार सामने आते हैं, जैसे कि –

  • पैरों में भारीपन और थकान
  • दर्द
  • ऐंठन
  • झुनझुनी
  • गर्म संवेदना
  • चुभन

फेस 3 वेरीकोस वेंस

इसमें वेंस ज्यादा चौड़ी हो जाती हैं और लक्षण धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं।

इस समय सूजन, फुलाव और त्वचा के रंग में बदलाव हो सकता है।

फेस 4 वेरीकोस वेंस

चौथे फेस की वेंस ऐसी जगहों पर दिखाई देती हैं जहाँ पर एक्जिमा या अल्सर होते हैं। अल्सर्स का इलाज करना मुश्किल होता है और इनमें बहुत आसानी से संक्रमण होता है। इसलिए ऐसी जगहों पर वेरीकोस वेंस का होना खतरनाक हो सकता है।

इसलिए आपको अल्सर वाली जगह पर वेरीकोस वेंस दिखाई दें तो जल्दी से जल्दी किसी डॉक्टर से सलाह लें।

खुशखबरी है कि अब वेरीकोस वेंस से निपटने के लिए बहुतेरे उपाय उपलब्ध हैं जिनकी बदौलत आज इन वेंस से छुटकारा पाना इतना आसान हो गया है जितना पहले कभी न था।

सबसे अच्छी बात ये है कि बहुत से नेचुरल इलाज हैं जो कमाल का काम करते हैं और लक्षणों को पूरी तरह से हटाने में मदद करते हैं।

आप इनमें से एक सबसे असरदार उपाय के बारे में सुनकर दंग रह जायेंगे। इसमें तीन आम चीजों का उपयोग करते हैं और उनके लाजवाब कुदरती गुणों का फायदा उठाते हैं। वे अद्भुत चीजें हैं – गाजर, एलोवेरा और एप्पल साइडर विनेगर।

वेरीकोस वेंस का एलोवेरा, गाजर और एप्पल साइडर विनेगर से इलाज करें

वेरीकोस वेंस के लिए एलोवेरा

सामग्री

  • 1 प्याला कद्दूकस की हुई गाजर (115 g)
  • 7 1/2 बड़े चम्मच एलोवेरा जेल (115 g)
  • आवश्यकता के अनुसार एप्पल साइडर विनेगर

एप्पल साइडर विनेगर या सेब का सिरका

वेरीकोस वेंस के इलाज की बात करते समय सबसे पहले एप्पल साइडर विनेगर का नाम आता है जो एक बहुत ही पोपुलर घरेलू उपचार है। इसका परिसंचरण को प्रोत्साहित करने में जोरदार असर होता है। यही नहीं, इसमें सूजन विरोधी गुण भी मौजूद होते हैं।

इन वेंस के लक्षणों को दूर करने के लिए विनेगर कॉम्प्रेस इस्तेमाल करना ही काफी है। आप इसे प्रभावित जगह पर लगायें और 20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर देखें इसका जादुई असर!

एलोवेरा या घृतकुमारी

शायद आप जानते होंगे कि एलोवेरा एक ऐसा पौधा है जो सब तरह की त्वचा की परेशानियों को दूर करने में हमारे काम आता है। इसमें शांत करने और सूजन को कम करने के गुण होते हैं इसलिए यह वेरीकोस वेंस से निपटने में हमारा साथ देता है।

गाजर

गाजर को आप कुछ कम न समझियेगा। यह देखने में मामूली लगती है पर यह सच में एक गजब की चीज है। वेरीकोस वेंस के मामले में तो बस ये समझिये कि इसका बोलबाला है। इसमें बीटा-कैरोटीन और एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो इसकी खूबी का राज़ हैं।

ये न केवल इन वेंस के रंग रूप को सुधारते हैं बल्कि इनके साथ जुड़े हुए लक्षणों से भी छुटकारा दिलाते हैं।

बनाने का तरीका

ऊपर बताई गयी सामग्री में घटकों की मात्रा सिर्फ एक गाइड के समान है। असल में इस उपचार के लिए आपको एलोवेरा और गाजर की बराबर मात्रा लेनी चाहिए।

  • पहले गाजर को छीलें और एक ब्लेंडर में डालकर उसका स्मूद गीला पेस्ट बनायें।
  • एलोवेरा की पत्ती में कांटे लगे हों तो उनको हटायें और एक तेज चाकू से उसे लम्बाई में आधा काटें। फिर एक चम्मच से उसके अंदर का जेल निकालें।
  • इस जेल को गाजर के पेस्ट में मिलायें।
  • इसके बाद इसमें धीरे-धीरे सेब का सिरका डालें और चलाते रहें। इस प्रकार एक स्मूद और क्रीमी पेस्ट बनायें।
  • ध्यान रखें कि यह मिश्रण ज्यादा पतला न हो। नहीं तो इसे प्रभावित जगह पर लगाने में मुश्किल होगी।
  • इसको ब्लेंड करते रहें जब तक आप जैसा चाहते हैं वैसा टेक्सचर हो जाये और सब घटक ठीक से मिल जायें।

किस प्रकार लगायें

वेरीकोस वेंस का उपचार

  • बेहतरीन परिणाम के लिए अगर हो सके तो इस क्रीम को रोज जरुर लगाना चाहिए।
  • जिस जगह पर वेरीकोस वेंस हैं वहां पर इस क्रीम को लगायें और टखनों से पिंडलियों तक ऊपर की ओर मालिश करें ताकि रक्त संचार को प्रोत्साहन मिले।
  • इसे 30 मिनट के लिए छोड़ दें और इसका असर होने दें। फिर ठंडे या गुनगुने पानी से धोयें।

इसका अद्भुत करिश्मा देखें!

  • Ovejero, L., & Ibañez, P. (2012). Varices. Asociación Española de Enfermería Vascular y Heridas.

  • Moñux, G. (2009). Varices y trombosis venosa profunda. Libro de la salud cardiovascular.

  • Montenegro, J. (2017). Varices.