कैस्टर ऑयल के संभावित खतरे और फायदे

नवम्बर 22, 2019
क्या आप कब्ज से पीड़ित हैं? क्या आप जानते हैं कि कैस्टर ऑयल यानी अरंडी का तेल आपकी मदद कर सकता है। यहां इस तेल के फायदों और संभावित खतरों के बारे में जान लीजिये।

कैस्टर ऑयल को रिकिनस कम्युनिस (Ricinus communis) के बीज से निकाला जाता है। यह पारंपरिक दवाओं की एक नेचुरल विकल्प है। कैस्टर ऑयल के कई अलग-अलग गुण हैं और इसलिए उपयोग भी कई तरह के हैं। हालांकि, कैस्टर ऑयल के इन उपयोगों और फायदों के साथ-साथ कुछ संभावित खतरों का ब्यौरा देना भी जरूरी है

यह नेचुरल ट्रीटमेंट तो सकारात्मक या नकारात्मक रूप से आपकी सेहत को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है।

याद रखें, नेचुरल प्रोडक्ट का आमतौर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। हालाँकि यह निश्चित करना जरूरी है कि आप किसी ऐसी शारीरिक स्थिति में न हों जिसमें अरंडी के तेल का उपयोग आपके लिए संभावित रूप से खतरनाक हो।

कैस्टर ऑयल

कैस्टर ऑयल के संभावित खतरों और फायदों की बात करने से पहले इस मेडिसिनल प्रोडक्ट पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट की समीक्षा करना भी अहम है। यहां आप इसकी केमिकल संरचना और संबंधित फार्मास्यूटिकल्स के बारे में ज्यादा जानकारी ले सकते हैं।

कैस्टर ऑयल के उपयोग और फायदे

इस तेल का इस्तेमाल करने वाले लोगों का अक्सर बहुत साफ़ उद्देश्य होता है: बॉवेल मूवमेंट में आसानी। यह कब्ज घटाने का एक प्राकृतिक तरीका है, चाहे यह कभी-कभार हो या अक्सर। हालांकि, इसे सही तरीके से करने के लिए निम्नलिखित जानकारी पर गौर करना महत्वपूर्ण है।

  • कैस्टर ऑयल हमेशा खाली पेट 25 मिलीलीटर की खुराक में लिया जाता है
  • इसे दूध, जूस या कार्बोनेटेड ड्रिंक में मिलाया जा सकता है।
  • कैस्टर ऑयल का इसे लेने के बाद 2 से 6 घंटे के बीच दिखाई देने लगता है।
कैस्टर ऑयल के फायदे

कॉन्स्टिपेशन से पीड़ित लोग कैस्टर ऑयल का उपयोग मल त्याग में आसानी के लिए कर सकते हैं।

इस तेल के बारे में एक अहम तथ्य यह है कि इसे हमेशा नाश्ते से पहले लेना चहिये और रात में कभी भी नहीं लेना चाहिए

इसके अलावा, इसके सेवन से पहले इस बारे में तय कर लें कि कहीं आपको घर से दूर तो नहीं जाना है। क्या आप अनुचित समय या स्थान पर मल त्याग करने से तो नैन झिझकते हैं? ऐसा हो तो कैस्टर ऑयल का उपयोग सही वक्त और स्थान पर करना बेहतर है।

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कैस्टर ऑयल के संभावित खतरे

कब्ज से निपटने के लिए कैस्टर ऑयल के लाभों के बावजूद, कुछ संभावित खतरों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इससे आप इस प्राकृतिक इलाज के दुरुपयोग से बचेंगे। निम्न तरह के रोगी और मेडिकल  स्थितियों में कैस्टर ऑयल का उपयोग असुरक्षित होता है:

  • बच्चे: 12 साल से कम उम्र के बच्चों में अतिसंवेदनशीलता के कारण, उन्हें इसे किसी भी परिस्थिति में नहीं लेना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाेंयें: इस आर्टिकल के अनुसार इस तेल का उपयोग गर्भवती महिलाओं द्वारा नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह कॉन्ट्रैक्शन और प्रीमेच्योर डिलीवरी का कारण बन सकता है।
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं: चूंकि शिशु कैस्टर ऑयल का सेवन नहीं कर सकते हैं, इसलिए ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को इसे नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह स्तन के दूध में बदलाव ला सकता है।
  • इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम: इस स्थिति की नाजुक श्तिति के कारण, कब्ज के मुकाबले में कैस्टर ऑयल का तेल कोई सही उपाय नहीं है।
  • आँतों में रुकावट : अरंडी का तेल इस स्थिति से राहत के लिए असरदार नहीं होता है और और मरीज अपनी बॉवेल को हिला न पाए तो यह पेट में तेज दर्द पैदा कर सकता है।

बवासीर, कोलाइटिस या इसी तरह की समस्याओं से पीड़ित होने पर आपको कैस्टर ऑयल का उपयोग नहीं करना चाहिए। इसका कारण यह है कि आपको न सिर्फ इससे दर्द हो सकता है, बल्कि आप डिहाइड्रेट भी हो सकते हैं।

अगर आप एरिद्मिया (arrhythmia) या मूत्रवर्धक (diuretic) दवा ले रहे हैं या अगर आप दिल की बीमारी से पीड़ित हैं, तो अरंडी के तेल इस्तेमाल करने की सिफारिश नहीं की जाती है।

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सही इस्तेमाल करने के लिए टिप्स

अगर आप ऊपर बताये सभी पहलुओं का  ध्यान रखें तो अरंडी का तेल कब्ज से राहत देने का एक शानदार माध्यम हो सकता है

हालांकि, अगर आपको संदेह है, तो किसी भी दवा या नेचुरल इलाज से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है।

यह तेल मल त्याग को सुविधाजनक बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन हर समय इस पर निर्भर रहना अच्छा नहीं है। सबसे अच्छी बात यह है कि फलों और सब्जियों से समृद्ध डाइट खाकर कब्ज को रोकें। अपनी रूटीन में फिजिकल एक्सरसाइज को शामिल करना न भूलें।

क्या आपने कभी कब्ज दूर करने के लिए कैस्टर ऑयल का इस्तेमाल किया है? आपका अनुभव कैसा था? हम आशा करते हैं, आपने अरंडी के तेल के खतरों और फायदों के बारे में बहुत कुछ सीखा है और हमारी सलाह आपको इस नेचुरल ट्रीटमेंट का सही उपयोग करने में मदद करेगी

हम यह भी सलाह देंगे कि कभी भी बतायी गयी खुराक से ज्यादा न लें। ओवरडोज के मामले में, दस्त, तेज कोलिक या इलेक्ट्रोलाइट का गंभीर नुकसान जैसे लक्षण हो सकते हैं। इसलिए हमेशा सावधानी से कैस्टर ऑयल का उपयोग करना चाहिए।

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