ग्लूटेन इनटॉलरेंस के लक्षण और ऐसे करें इसका इलाज

18 जुलाई, 2020
कई कंपनियां ग्लूटेन फ्री प्रोडक्ट पेश करती हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे हमेशा ही स्वस्थ होते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि पोषक तत्व की कमी की पूर्ति विटामिन से की जाती है। ग्लूटेन इनटॉलरेंस एक ऐसी स्थिति है जिस पर हमें ध्यान देना चाहिए।
 

ग्लूटेन ग्लूटेनिन (glutenin) और ग्लियाडिन (gliadin) का संयोजन है। यह गेहूं, जौ (barley) और राई जैसे अनाजों में पाया जाता है। ग्लूटेन वह संरचना है जो रोटी की लोइयों को बनाती है और स्टार्च धोने की प्रक्रिया के दौरान निकलती है।

दुर्भाग्य से कुछ लोगों का शरीर इस पदार्थ को बर्दाश्त नहीं कर पाता। इसलिए ग्लूटेन इनटॉलरेंस एक ऐसी स्थिति है जो आंतों की सेहत को खतरे में डाल सकती है।

ग्लूटेन इनटॉलरेंस क्या है और यह कैसे होता है?

ग्लूटेन इनटॉलरेंस गेहूं में मौजूद प्रोटीन के गलत पाचन के कारण होने वाली असामान्य शारीरिक रिएक्शन है, जो आंतों की गड़बड़ी का कारण बनती है।

कुछ लोगों में ग्लूटेन उस विली को नष्ट कर देता है जो छोटी आंत की भीतरी दीवारों पर मौजूद हैं। यह भोजन के पाचन को रोकता है। इस प्रकार आंत में एक क्रोनिक सूजन होती है जो पोषक तत्वों को सही तरीके से अवशोषित होने से रोकती है।

इसकी डायग्नोसिस कैसे की जाती है?

आप निम्नलिखित टेस्ट से ग्लूटेन इनटॉलरेंस का निदान कर सकते हैं:

  • रक्त परीक्षण (उपवास के बाद)।
  • आंतों की बायोप्सी। इस परीक्षण में ऊपरी छोटी आंत से एक ऊतक का नमूना निकालना शामिल है।

मुख्य लक्षण क्या हैं?

  • दस्त, सूजन, हवा या कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याएं।
  • बाहों के पीछे केराटोसिस पिलारिस (keratosis pilaris ) की उपस्थिति। यह फैटी एसिड और विटामिन A की कमी के कारण है।
 
  • ग्लूटेन युक्त कोई भी खाना खाने के बाद थकान महसूस होना।
  • रुमेटाइड गठिया, कोलाइटिस या ल्यूपस जैसे ऑटोइम्यून रोगों का विकास।
  • न्यूरोलॉजिकल समस्याएं जैसे चक्कर आना और संतुलन बन रख पाना
  • अनियमित हार्मोनल स्तर।
  • बार-बार होने वाला माइग्रेन।
  • जोड़ों में दर्द और सूजन।
  • चिंता, अवसाद और उत्सुकता के बीच अचानक मूड में बदलाव।
  • एकाग्रता में कठिनाई।

ग्लूटेन इनटॉलरेंस का इलाज कैसे करते हैं?

ऊपर बताये गए लक्षणों पर काबू पाने और उनसे बचने के लिए, 100% ग्लूटेन-मुक्त आहार खाना महत्वपूर्ण है। ग्लूटेन इनटॉलरेंस एक ऐसी स्थिति नहीं है जिसका इलाज दवाओं से नहीं किया जाता है, बल्कि अन्य स्ट्रेटजी से किया जाता है। ग्लूटेन वाले खाद्य पदार्थों को समाप्त करने से लक्षण गायब हो जाते हैं, इसलिए छोटी आंत जख्म से उबर सकती है।

रिकवरी स्थायी होती है, लेकिन केवल अगर ग्लूटेन आपके आहार से पूरी तरह से हटा दिया जाइ तभी।

हमें यह भी उल्लेख करना चाहिए कि कम मात्रा में ग्लूटेन खाने से लक्षण बढ़ सकते हैं। यदि आप 100% ग्लूटेन-मुक्त आहार बनाए नहीं रखते हैं, तो ग्लूटेन इनटॉलरेंस या सीलिएक रोग क्रोनिक बन जाएगी।

बैलेंस डाइट के पहले दो हफ्तों के बाद लक्षण कम होने लगते हैं। सीरोलॉजिकल नॉर्मलाइजेशन में 6 से 12 महीने लग सकते हैं, जबकि आंत के विल्ली की रिकवरी आपकी योजना या इलाज शुरू करने के दो साल बाद होती है।

हालांकि, शिशुओं के मामले में परिणाम धीमा होता है। इलाज में मूल रूप से चार अनाज हटाने होते हैं: गेहूं, जई, जौ और राई, साथ ही साथ उनसे बने खाद्य।

इसे भी देखें : 5 लक्षण जो बताते हैं, आपको ग्लूटेन खाना बंद कर देना चाहिए

किन खाद्य पदार्थों में ग्लूटेन होता है?

 

गेहूं और आटा हमारे आहार में काफी आम हैं। इस प्रकार कई खाद्य पदार्थ हैं जिनमें ग्लूटेन होता है जिसे आपको छोड़ने की आवश्यकता होगी।

यदि आप ग्लूटेन इनटॉलरेंस से पीड़ित हैं, तो आपको जिन खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों से बचना चाहिए उनमें से कुछ हैं:

  • बीयर
  • अनाज
  • रोटी और केक
  • तले हुए खाद्य पदार्थ
  • सलाद ड्रेसिंग
  • पास्ता
  • मांस और समुद्री भोजन के विकल्प
  • सोया सॉस
  • सूप

किन खाद्य पदार्थों में ग्लूटेन नहीं होता है?

  • दूध और डेरिवेटिव जैसे पनीर, पनीर, क्रीम और दही।
  • सभी प्रकार का मांस
  • ताजा मछली और समुद्री भोजन
  • अंडे
  • साग, सब्जियाँ और जड़ वाली सब्जियाँ
  • फल
  • चावल और मकई
  • फलियां
  • चीनी और शहद
  • तेल और मक्खन
  • कॉफ़ी
  • नारंगी, नींबू और कोला शीतल पेय
  • वाइन
  • नट्स
  • नमक
  • प्राकृतिक मसाले
  • जैतून
  • और बहुत सारे!

इसे भी पढ़ें : 10 लक्षण जो बताते है, आप ग्लूटेन इंटॉलरेंट हैं

ग्लूटेन इनटॉलरेंस के लिए विटामिन?

ग्लूटेन इनटॉलरेंस के मामलों में विटामिन की खुराक लेना आवश्यक है। यह आंत के अस्तर को हुए नुकसान को दुरुस्त करता है। यह आयरन, कैल्शियम और अन्य विटामिन के अवशोषण में कमी का कारण बनता है।

इसके अलावा, ग्लूटेन प्रोडक्ट के एक बड़े प्रतिशत में विटामिन और मिनरल होते हैं। यदि इन्हें बाहर रखा जाये तो आपके आहार में पोषक तत्वों की कमी हो जाएगी। इससे निपटने के लिए आपको एक एक्सपर्ट के पास जाना चाहिए जो ग्लूटेन फ्री विटामिन प्रोडक्ट बता सकता है।

अंत में, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अनुशंसित दै का एक समाधान मौजूद है। इसके लिए केवल आहार और जीवन शैली में बदलाव की आवश्यकता होती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि यदि आप इस स्थिति से पीड़ित हैं तो आपको रेस्तरां में खाना बंद करना होगा और खुद को अलग करना होगा।

जब तक आप किसी एक्सपर्ट की सिफारिशों से चिपके रहते हैं, आपको फ़िक्र करने की ज़रूरत नहीं है। आज अपने पेट का ख्याल रखें ताकि कल का आनंद लेते रहें।