दो स्पैनिश अस्पताल‌ एक नई स्पैनिश कैंसर की दवा ‌का परीक्षण कर रहे हैं

07 मार्च, 2019
एडवांस स्टेज के ट्यूमर वाले रोगियों में ट्रायल के लिए एक नई दवा का उपयोग किया गया है। लेकिन इसका इस्तेमाल शुरुआती स्टेज वाले कैंसर के लिए भी किया जा सकता है।

हाल की खबरों के अनुसार दो स्पैनिश अस्पताल‌ कैंसर की दवा का परीक्षण कर रहे हैं जो 100% स्पैनिश है।

जल्द ही वे अधिकतम ‌24 ऐसे ‌रोगियों पर नए ट्रीटमेंट का परीक्षण करेंगे, जिनके खराब रोग के कारण ट्यूमर है।

कैंसर पर अध्ययन का पहला चरण

यह अध्ययन ग्रेगोरियो मेरॉनन अस्पताल (Gregorio Marañon Hospital) और नवर्रा क्लिनिकल यूनिवर्सिटी (Navarra Clinical University) में प्रदर्शित किया जाएगा।

कैंसर के अध्ययन के पहले चरण में, ट्यूमर से ग्रस्त उन पांच‌ रोगियों की चिकित्सा (BO – 112) शुरू हो चुकी है जिन्होंने अन्य उपचार के के प्रति रिस्पांस नहीं दिया है।

ये पांच‌ रोगी 12 से 24 कैंसर रोगियों के समूह में पहले होंगे जो ‌क्लिनिकल अध्ययन के पहले चरण में हिस्सा लेंगे।

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स्पेनी ‌चिकित्सा

यह‌ चिकित्सा नेशनल सेंटर ऑफ कैंसर रिसर्च (Centro Nacional de Investigaciones Oncológicas, or CNIO) में आरंभ हुई है। अब वे इसका विकास मैड्रिड और पैम्प्लोना के उपरोक्त स्वास्थ्य केंद्रों में कर रहे हैं। इस चिकित्सा की शुरुआत स्पेन में हुई है। हालांकि, इसे अंतरराष्ट्रीय बनने में अधिक समय नहीं लगेगा।

समय सीमा की बात करें तो, परीक्षण का प्रथम परिणाम जून तक तैयार हो जाना चाहिए। अमेरिकन कैंसर एसोसिएशन का पहला सम्मेलन जून में होगा। वहीं ‌ये कैंसर से संबंधित अपनी मुख्य प्रगतियों को प्रस्तुत करेंगे।

यह इलाज तीन से चार सालों में बाजार में आ सकता है।

इम्यूनोथेरेपी

प्रतिरक्षा चिकित्सा एक ऐसी प्रक्रिया है जो कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है।

प्रचलित कीमोथेरेपी की तरह ट्यूमर कोशिकाओं पर यह सीधे प्रहार नहीं ‌करती। यह शरीर के स्वाभाविक बचाव का उपयोग करते हुए कैंसर पर हमला करती है।

यहां प्रतिरक्षा प्रणाली केवल उत्तेजित ही नहीं होती, यह घातक कोशिकाओं की पहचान भी कराती है

उचित प्रशिक्षण के साथ, आपके स्वाभाविक क्षमता ट्यूमर की पहचान करने में सक्षम होगी। कुछ साइड एफेक्ट के साथ प्रतिरक्षा चिकित्सा ट्यूमर को सिकोड़ती है। इस प्रकार यह स्वस्थ उत्तकों की संपार्श्विक क्षति को अंजाम देती है।

इन प्रगतियों ने धीरे ‌धीरे ट्यूमर के प्रति लोगों का दृष्टिकोण बदला है, साथ ही मेलानोमा और फेफड़े के कैंसर के प्रति भी।

चिकित्सा के लिए ट्यूमर की टाइपोलॉजी

प्रतिरक्षा चिकित्सा पहले से ही ‌मार्केट‌‌ में मौजूद है, बस इस सूची में नई स्पैनिश चिकित्सा का नाम जुड़ेगा।

शुरू-शुरू में यह सख्त ट्यूमर के इलाज के लिए थी जो कि प्रायः स्तन, फेफड़े, गर्भाशय, लीवर, अंत:स्रावी (endocrine) कैंसर, मेलानोमा, सर्कोमा (भ्रूण संबंधी आदि) में बिल्कुल आम है।

हालांकि उन्होंने अब तक अध्ययन के लिए और सुलभ ट्यूमर ‌वाले रोगियों को ही चुना जिसमें त्वचीय मेटास्टेसिस के साथ मेलानोमा और तालु भी‌ शामिल है।

वे स्थानीय रूप से दवा जमा करने के लिए इंजेक्शन के माध्यम से सीधे ट्यूमर में दवा पहुंचाएंगेयह ट्यूमर अल्ट्रासाउंड द्वारा निर्देशित होता है।

नई चिकित्सा के बारे में जानकारी

कुल मिलाकर, वे इस स्पैनिश निर्मित थेरेपी का प्रयोग उन लोगों पर करेंगे जो मौजूदा चिकित्सा पद्धति द्वारा असफल रहे हैं। साथ ही इसमें प्रतिरक्षा चिकित्सा के अलावा अन्य भी शामिल हैं।

पहले, उन्हें इस नई चिकित्सा पद्धति की प्रभावशीलता का प्रदर्शन करना चाहिए। इसके बाद वे सर्जरी से पहले ही रोग के अन्य प्रारंभिक चरणों में इसका उपयोग कर सकते हैं।

दवा का पूर्व-बाजार नाम BO-112 यह संकेत करता है कि यह अभी परीक्षण के दौर में है। हालांकि, बहुतों ने इससे काफी उम्मीदें लगा रखी हैं।

कुल मिलाकर, यह पहली चिकित्सा होगी जो कैंसर से लड़ने के दो आशाजनक दृष्टिकोण को जोड़ती है : प्रतिरक्षा चिकित्सा और स्वपोषी (autoohagy)। यह एक ऐसा तंत्र है जिसने जापानी वैज्ञानिक योशिनोरी ओहसुमी (Yoshinori Ohsumi) को 2016 में चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया।।

हालांकि,  स्पैनिश दवा को स्वतंत्र रूप से काम नहीं करना पड़ता है। भविष्य में, वे इसे अन्य प्रतिरक्षा चिकित्साओं के साथ जोड़ सकती हैं। इसके अलावा, इन विकल्पों का क्लिनिकल अध्ययन में भी परीक्षण किया जा रहा है।

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एक सार्वजनिक निजी सहभागिता

कुल मिलाकर, ये अध्ययन एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि सार्वजनिक निजी सहभागिता कैसी दिख सकती है।

2010 में, नेशनल सेंटर ऑफ ऑन्कोलॉजी रिसर्च (Centro Nacional de Investigaciones Oncológicas, or CNIO), ने इस आगे बढ़ रही कंपनी को ड्रग लाइसेंस दिया। यह सहयोग का ही परिणाम था कि इस छोटी सी जैव-प्रौद्योगिक कंपनी ‘बायोन्कोटेक‘ (Bioncotech) का जन्म हुआ।

इस अध्ययन को नेतृत्व मेलानोमा ग्रुप ऑफ बायोनकोटेक की प्रधान मैरीसोल सोएन्गस (Marisol Soengas) ने दिया था।

उनके शब्दों में कहें : प्रयोगशाला में परिणाम सीधे रोगी तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिकों को आमतौर पर कुछ कम मौके मिलते हैं। यह वैज्ञानिक अध्ययन बायोन्कोटेक के शानदार टीम के नेतृत्व में की अलग-अलग विषयों के शोधकर्ताओं के सहयोग का परिणाम है। इस बड़े कदम पर बहुत गर्व है। हम सीएनआईओ (CNIO) द्वारा उठाए इस बड़े कदम पर बहुत गर्वित हैं।

वे इन परीक्षणों के परिणामों को विश्व के सबसे बड़े ऑन्कोलॉजी सम्मेलन, अमेरिकन सोसायटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी कान्फ्रेंस (ASCO) में प्रस्तुत करेंगे। इसका आयोजन शिकागो में 2 से 6 जुलाई तक होगा।

मुख्य छवि wikiHow.com के सौजन्य से।

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