आंतों की गैस और सूजन से लड़ने के लिए एलो वेरा और पपीता रेसिपी

02 जुलाई, 2020
पपीते के कार्मिनेटिव (carminative) तत्वों के साथ मिलाकर एलोवेरा के लैक्जेटिव गुण एक ऐसा नुस्खा बनाते हैं जो गैस और दूसरी पाचन समस्याओं को ख़त्म करने के लिए आदर्श है
 

बहुत गरिष्ठ खाना पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। आम तौर पर यह सूजन, दर्द और आंतों की गैस जैसे लक्षण पैदा करता है।

ये समस्याएं आपकी रोजमर्रा की एक्टिविटी में हस्तक्षेप कर सकती हैं। भले ही वे ज्यादा गंभीर नहीं हैं, लेकिन ध्यान न देने पर वे ज्यादा जटिल समस्याएं पेश करते हैं।

दूसरी बातों के अलावा उनकी उपस्थिति बताती है कि आपके आंतों के बैक्टीरिया नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। इसके अलावा पाचन तंत्र के पीएच में एक असंतुलन हुआ है।

अच्छी खबर यह है कि आप इसे प्राकृतिक रूप से नियंत्रित कर सकते हैं। सौभाग्य से, वैकल्पिक उपाय हैं जो पाचन प्रक्रिया और आंतों की वनस्पतियों को रेगुलेट करने में मदद करते हैं।

आज हम एलोवेरा और पपीता के साथ किए गए इलाज को साझा करना चाहते हैं।

सूजन और आंतों की गैस से लड़ने के लिए एलोवेरा और पपीता रेसिपी

एलोवेरा जेल और पपीता दोनों में कई गुण होते हैं जो पेट के कामकाज को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

नेचुरल फाइबर और पाचन एंजाइमों से समृद्ध यह घर का बना नुस्खा सूजन और आंतों की गैस से लड़ने के लिए अच्छा है।

एलोवेरा के फायदे

सूजन और आंतों की गैस से लड़ने के लिए एलोवेरा और पपीता रेसिपी

एलोवेरा के पत्तों में पाया जाने वाला जेल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सेहत को राहत देने और बेहतर बनाने के लिए सैकड़ों वर्षों से इस्तेमाल किया जाता है।

इसमें बड़ी मात्रा में विटामिन B होता है। यह वह पोषक तत्व है जो पाचन के साथ-साथ दूसरे पोषक तत्वों के अवशोषण को उत्तेजित करता है।

इसके अलावा, इसमें विटामिन A, एसेंशियल एमिनो एसिड और एंजाइम होते हैं जो सभी तरह के पाचन में मदद करते हैं।

इसमें एलोएमोडाइन (aloemodyne) और एलोमिटिन (allomitin) जैसे पदार्थ भी शामिल हैं जो गैस्ट्रिटाइटिस, अल्सर और अत्यधिक एसिड के मामले में टिशू को ठीक करने में मदद करते हैं।

वे लैक्जेटिव गुण प्रदान करते हैं जो कब्ज के मामले में आंतों के मूवमेंट में सुधार के लिए आदर्श होते हैं।

 

उनमें एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण हैं जो आंतों के संक्रमण से पीड़ित होने का जोखिम कम करने में मदद करते हैं।

इसके एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रभाव अपच और भारीपन की भावना से लड़ते हैं।

अंत में यह आंत में माइक्रोबियल फ्लोरा की भी मदद करता है। धीरे-धीरे यह गैस बनने में कामे लाता है।

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आंतों की गैस ठीक करते हैं पपीते के गुण

आंतों की गैस ठीक करते हैं पपीते के गुण

पपीता एक उष्णकटिबंधीय फल है, जो अपने स्वादिष्ट स्वाद के कारण लाखों लोगों के आहार का हिस्सा बन जाता है।

  • यह एसेंशियल पोषक तत्वों की प्रचुर मात्रा के लिए जाना जाता है। इसमें विटामिन A, B, और C,  पोटेशियम और डायेटरी फाइबर हैं।
  • इसमें पैपैन (papain) नाम का एक एंजाइम होता है जो एक एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सिडेंट और डिटॉक्सीफाइंग एजेंट के रूप में काम करता है।
  • यह पदार्थ पाचन समस्याओं को कम करने में मदद करता है क्योंकि यह पाचन और प्रोटीन को आत्मसात करने में तेजी लाता है।
  • यह शरीर में अपशिष्ट को इकठ्ठा होने से रोककर आंतों के भारीपन पर काबू पाने का एक असरदार उपाय है।
  • इसके घटक पेट के टिशू की ट्रीटमेंट प्रक्रिया में सुधार करते हैं, विशेष रूप से अल्सर और गैस्ट्राटाटिस के मामलों में।
  • यह एसिड रिफ्लक्स को रोकता है और उसका मुकाबला करता है।
  • इसके अलावा यह पेट में सूजन को भी कम करता है।
  • यह आंतों के पैरासाईट के कारण होने वाले संक्रमण से लड़ता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।

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कैसे बनाएं एलोवेरा और पपीते का नुस्ख़ा?

 

यह होममेड एलोवेरा और पपीता रेसिपी एक स्वस्थ पेय है। पाचन में मदद करने के अलावा, यह आपकी त्वचा और बालों के स्वास्थ्य में भी सुधार करता है।

इसके पोषक तत्व आसानी से अवशोषित हो जाते हैं। साथ ही, आपके खून के पीएच को रेगुलेट करके जहरीले पदार्थों को खत्म करने में मदद करता है।

सामग्री

  • 5 बड़े चम्मच ताजा एलोवेरा (75 ग्राम)
  • पपीते के 3 स्लाइस
  • 2 बड़े चम्मच शहद (50 ग्राम)
  • 1 कप पानी (200 मिलीलीटर)

तैयारी

  • एलोवेरा की पत्ती को काटें और इसके जेल के 5 बड़े चम्मच निकालें।
  • पपीते के स्लाइस को क्यूब्स में काटें और उन्हें ब्लेंडर में एलोवेरा, शहद और पानी के साथ डालें।
  • कुछ मिनटों के लिए या जब तक आपके पास एक समरूप तरल न हो सभी सामग्री को ब्लेंड करें।
  • बिना छानें इसे परोसें और तुरंत पी लें।

इसे कैसे पीना है

  • अपने शरीर को डिटॉक्स करने के लिए, खाली पेट 7 से 10 दिनों के लिए पेय पिएं।
  • अगर आपको सूजन या गैस है तो इसे दिन में दो बार पियें।
  • अगर आपको अल्सर या गैस्ट्राइटिस है तो हफ़्ते में कम से कम 3 बार खाली पेट पियें।

क्या आप इस पेय को घर पर बनाने के लिए तैयार हैं? यदि आपका पाचन धीमा है या आप भारीपन महसूस कर रहे हैं क्योंकि आपने बहुत खा लिया है, तो इन अविश्वसनीय सामग्रियों को मिलाएं और उनके गुणों का लाभ उठाएं।

 
  • Parle, Milind & , Gurditta. (2011). Basketful benefits of papaya. International Research Journal of Pharmacy. 2. 6-12.
  • Sharma, Priyanka & Kharkwal, Amit & Kharkwal, Harsha & Abdin, M & Varma, Ajit. (2014). A Review on Pharmacological Properties of Aloe vera. International Journal of Pharmaceutical Sciences Review and Research. 29. 31-37.