झूठे लोगों से कैसे निपटें

13 जनवरी, 2020
ऐसे आदमी का सामना करना जो हमसे झूठ बोलता है, न सिर्फ उन पर बल्कि खुद पर भी एहसान करना है - यह उन सिद्धांतों में आस्था जताने का एक अवसर होता है, जिन पर हम जीना चाहते हैं। 

झूठ बोलने वालों से निपटना आसान नहीं होता। यह जानना असंभव होता है कि झूठे लोग जो कह रहे हैं उस पर हमें कब विश्वास करना चाहिए और कब नहीं। इसी तरह हमारे किसी भी सीक्रेट के बारे में  उन पर भरोसा करना असंभव होता है।

समस्या यह है कि कभी-कभी हमारे पास कोई विकल्प ही नहीं होता। क्योंकि इसके कारण हमारे नियंत्रण से बाहर होते हैं और कभी-कभी इस तरह के लोगों से निपटने से बचना भी संभव नहीं होता।

जितना हो सके झूठे लोगों से बचना ही सही विचार है, क्योंकि उनके झूठ एक भावनात्मक घोटाले की तरह होते हैं। वे बहुत असुविधा पैदा करते हैं, क्योंकि पीड़ित लोग निराश महसूस करते हैं। इस तरह की भावनाएं निश्चित रूप से किसी के साथ सम्बन्ध बनाने या बनाए रखने में मददगार नहीं हैं

कुछ लोग झूठ इसलिए बोलते हैं कि वे सिर्फ बातें बनाना पसंद करते हैं। दूसरे लोग ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि वे जो वास्तव में हैं उसे जगजाहिर करने में शर्मिंदा होते हैं या डरते हैं। कुछ लोग दूसरों को धोखा देने के इरादे से झूठ बोलते हैं।

जैसा कि हमने देखा है, लोग कई कारणों से झूठ बोलते हैं। हालाँकि यह याद रखना ज़रूरी है कि इनमें से कोई भी वजह सही नहीं है।

झूठ बोलने वाले व्यक्ति के साथ व्यवहार बनाए रखना आसान नहीं होता है, लेकिन ऐसी स्थिति में होने पर कुछ बातों का ध्यान में रखना चाहिए। निम्नलिखित बातों पर ध्यान दें।

झूठे लोगों से निपटने के लिए कड़े साक्ष्यों का उपयोग करें

झूठे लोगों से निपटने के लिए कड़े साक्ष्यों का उपयोग करें

यह मालूम होने पर कि आपकी कोई जान-पहचान वाला नियमित झूठ बोल रहा है, फिर आगे कई संभावित रास्ते निकलते हैं। उनमें से एक है उस व्यक्ति से जितना संभव हो दूर रहना है। हालाँकि यह हमेशा ही कोई विकल्प नहीं होता है। अगर वह व्यक्ति आपका सहकर्मी, बॉस या साथी हो, तो अक्सर कोई विकल्प नहीं होता है।

तमाम मामलों में झूठे व्यक्ति का सामना करने का फैसला एक अच्छा ख़याल हो सकता है।

वजह यह है कि झूठ बोलने वाले व्यक्ति से निपटने का सबसे अच्छा तरीका उसका सामना करना ही है। इसके लिए कुछ अकाट्य प्रमाण इकट्ठे करना ज़रूरी है। उस आदमी द्वारा बोले गए हर झूठ पर बारीकी से ध्यान देना ज़रूरी होता है। उन सबूतों की तलाश करें जिससे आपको लगता है कि यह सच नहीं है, और सभी जानकारी को सहेज कर रखें। एक बार भरपूर प्रमाण जुटा लेने पर अगले स्टेप पर बढ़ने का समय आ गया है।

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अपने निष्कर्ष पेश करें

इस स्तर पर झूठ बोलने वाले व्यक्ति से निपटने के लिए बड़ी रणनीति की ज़रूरत होती है। अपने पास मौजूद जानकारी को एक ही बार में सामने ला देना अच्छा विचार नहीं है – यह बहुत फायदेमंद नहीं होगा।

  • इन मामलों में सबसे अच्छी बात सूझ-बूझ और समझदारी से काम लेना है। याद रखें, हर इंसान दूसरा मौका पाने का हकदार होता है।
  • पहला अच्छा कदम यह है कि उस व्यक्ति को निजी तौर पर बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया जाए। फिर शांत और स्पष्ट ढंग से उस जानकारी के बारे में बताएं जो आपके पास है, जो उसका खंडन करती है जो उन्होंने आपको बताई हैं। इसका मकसद यह है कि व्यक्ति अपनी बोली गयी बात और हकीकत के बीच फर्क कर पाए
  • उसे समझाएं कि आप कोई फैसला करने नहीं आये हैं बल्कि महज उसे समझने की कोशिश कर रहे हैं। यह एक नाजुक स्थिति है जिसमें बड़ी परिपक्वता के साथ निपटा जाना चाहिए – इसका लक्ष्य उस व्यक्ति पर आक्रमण करने के बजाय एक वयस्क, दोतरफा बातचीत का माहौल बनाना है।

कारण समझें

अगर आप कर सकें तो व्यक्ति को यह समझाना अच्छा है कि वे झूठ क्यों बोल रहे हैं। आप नहीं जान सकते झूठ बोलने वाले की यह एक सनक है या वे बहुत सताए गए लोग हैं

हो सकता है कि वह व्यक्ति झूठ इसलिए बोलता है कि वह खुद को बहुत कम आंकता है और अपने बारे में सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पाता। यह भी हो सकता है, कि यह ऐसा व्यक्ति है जो अपने आसपास के लोगों को धोखा देने में मजा लेता है। जो भी हो, अपना व्यवहार ठीक करने के लिए व्यक्ति को शांति से आमंत्रित करना ज़रूरी है।

जिन लोगों का चरित्र अच्छा है, वे झूठ बोलने के लिए माफी माँगने का अवसर लेंगे। दूसरी ओर कुछ लोग अपने खिलाफ मिले सभी सबूतों से इनकार कर देंगे और इस स्थिति से निकलने के लिए ज्यादा झूठ बोलने का सहारा लेगा।

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एक समझौते को आजमायें

यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि झूठ बोलना पूरी तरह से आत्मविश्वास को कम करता है। आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप इसे झूठ बोलने वाले व्यक्ति से कहें, और झूठ बोलने के परिणामों को साफ़ तौर पर बताएं।

उस आदमी को सिर्फ यह बताएं कि किसी के द्वारा उसे धोखा दिया जाना कैसा लगता है, और विश्वास हासिल करना एक ऐसी चीज है जिसे आसानी से दोबारा हासिल नहीं किया जा सकता है।

यह अभिव्यक्त करने के बाद कि उनके व्यवहार ने आपको कैसा महसूस कराया है, अगला कदम ईमानदारी से एक समझौता करने की कोशिश करना है। ध्यान रखें कि आप यह उम्मीद नहीं कर सकते हैं कि व्यक्ति आखिरकार 100% सौदेबाजी कर लेगा – झूठे व्यक्ति के रातोंरात बदलने की उम्मीद नहीं की जा सकती है।

यह सुनिश्चित करना अहम है कि उस व्यक्ति में समझौता करने का ईमानदारी भरा इरादा हो, भले ही वह ऐसा पूरी तरह न कर पाये

यह समझें कि किसी व्यक्ति को कोई दूसरा नहीं बदल सकता

झूठ बोलने वाले का सामना करना एक बहुत बड़ा कदम है। इसका मतलब है कि उस व्यक्ति के पास यह समझने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ना है कि वह झूठ बोल रहा है। वह समझ जायेगा कि भले ही वह समय-समय पर अपने झूठ से लोगों को धोखा देने में सक्षम हो सकता है, पर आखिरकार उसका झूठ पकड़ा जाएगा।

यह अहसास व्यक्ति को गंभीर होने पर मजबूर करेगा और उम्मीद है वे अपने तरीके बदलने की कोशिश करेंगे।

वह व्यक्ति जो झूठ बोलने वाले का सामना करने का जोखिम उठाता है, उसके लिए भी यह बहुत ही सकारात्मक अनुभव हो सकता है। यह ईमानदारी का काम है जो आम हित के लिए होता है। यह दर्शाता है कि आप धोखा खाने वाले इंसान नहीं हैं और आप अपने सिद्धांतों पर जीते हैं

आखिरकार झूठे लोग उस व्यक्ति के प्रति ज्यादा विवेकपूर्ण और ईमानदार होंगे जो उनके झूठ को बेनकाब करने का जोखिम उठाता है।

हालांकि इन सबसे ऊपर यह भी महसूस करना है कि किसी आदमी को कोई दूसरा व्यक्ति नहीं बदल सकता है। सच्चाई यह है कि, ज्यादातर मामलों में टकराव और अच्छी सलाह किसी व्यक्ति को खुद को बदलने का कारण नहीं बनती। हममें से हर एक के पास यह जिम्मेदारी और विकल्प होता है कि हम यह तय करें, हम कैसा व्यवहार करते हैं और अपने भीतर बदलाव करते हैं या नहीं।

दरअसल ऐसे पथेलोजिकल झूठे भी हैं जो किसी एक्सपर्ट की सलाह लेने से बचने की हमेशा कोशिश करते हैं। इसलिए हमें याद रखना चाहिए कि हम सिर्फ अपने काम के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं, दूसरों के नहीं।

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