मन को मुक्त करने और भावनाओं पर संयम रखने की 13 आसान स्ट्रेट्जी

अप्रैल 2, 2019
अशांत मन और उलझी भावनाओं से निपटने के लिए कुछ हम कुछ बेहद आसान अभ्यास कर सकते हैं। भले ही हमें महसूस हो कि इन रोजमर्रा की एक्टिविटीज़ से हम स्वतंत्र सोच और संयमित भावनाएँ नहीं हासिल कर सकते, पर यकीन रखें, हमारी ये एक्टिविटी हमें चैन पहुँचाने में मददगार साबित हो सकती हैं। 

मन को बेवजह के झमेलों से मुक्त रखना आसान नहीं होता है। आखिरकार आपका मस्तिष्क कोई दराज तो नहीं है जिसे आपने जब चाहा खाली कर दिया या भर दिया।

अपनी अनावश्यक सोच में उलझे रहने की मुख्य वजह आपकी भावनाएँ होती हैं। आपका मनोभाव आपकी भीतरी शांति, संतुलन और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को प्रभावित करता है। ज्यादातर मामलों में नेगेटिव सोच ही आपके जीवन में जज़्बातों के उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण बनती है।

एंग्जायटी और लंबे समय से चले आ रहे तनाव जैसे फैक्टर अक्सर हमें दुनिया में निराश और थका हुआ महसूस कराते हैं। इससे हम दुनिया के लिए कटु भावनाएँ विकसित कर लेते हैं।

यह हम सभी के साथ कभी न कभी हुआ है। दिन भर के काम-काज निपटा कर आप अपने घर तो पहुँच जाते हैं, लेकिन आपको  आराम नहीं मिलता, क्योंकि आपका दिमाग लगातार कई विचारों से भरा हुआ होता है। चिंता, सिरदर्द और बुरे मूड का बवंडर आपको घेरे रहता है।

अगर आप भावनाओं के इस ख़ास दौर से गुज़र रहें हैं और नहीं जानते हैं कि इनसे कैसे निपटना हैं, तो आज यहाँ सुझाई गई कुछ बेहद आसान स्ट्रेट्जी पर अमल करके आप स्वतंत्र सोच हासिल कर सकते हैं।

ये रणनीतियाँ वाकई बेहद सहायक साबित होती हैं!

जानने की कोशिश करें कि कौन से जज़्बात आपके मन को दुख दे रहे हैं

कौन से जज़्बात आपके मन को दुख दे रहे हैं

किसी भी तरह की स्ट्रेट्जी पर अमल करने से पहले उन सभी जज़्बातों को पहचनाना ज़रूरी है जिनकी वजह से मौजूदा हालात आपके लिए अभिशाप बन चुके हैं।

कई बार बहुत छोटी-छोटी चीज़ों का कॉकटेल आपकी परेशानी की वजह बन जाता है। ये इनमें से कुछ भी हो सकती हैं: थोड़ी बेताबी, थोड़ा डर, थोड़ा दुख, थोड़ी निराशा और थोड़ी चिंता।

इस परेशानी से बाहर निकलने के लिए आपको एकाग्रचित होकर सोचने और शांत रहने की ज़रूरत होती है। ऐसा करने के लिए ध्यान लगाने यानी मेडिटेशन से बेहतर कुछ नहीं है। आपको यह सोच कर अजीब लग सकता है, कि मेडिटेट करना सीखना आसान नहीं है। इसमें थोड़े समय और धैर्य की ज़रूरत पड़ती है।

हम आपको अपने आपसे जुड़ने में मदद करने वाले कई रोचक तरीकों की सलाह दे सकते हैं। ऐसे विकल्पों की पूरी एक श्रृंखला उपलब्ध है, जिनसे यह पता लगाया जा सकता है कि आपके साथ क्या हो रहा है और आपके दिमाग में कौन सी भावनाएँ उमड़ रही हैं।

इसे भी पढ़ें : खुशी अपने भीतर से आती है: यह किसी की मोहताज नहीं

ये इस प्रकार हैं:

  • टहलने जाएँ: बहुत से लोगों के लिए टहलना, दौड़ना या मीडियम इंटेंसिटी वाले व्यायाम करना मेडिटेट करने का एक आसान तरीका हो सकता है।
  • आराम से रिलैक्स होकर स्नान करें। यह चीजों के बारे में सोचने और अपने दिमाग को बेवजह की सोच से आज़ाद करने का एक आदर्श तरीका है।
  • खुद के लिए एक घंटे का समय निकालें, मौन रहें और सोचने का प्रयास करें। एक नोटबुक या कागज के टुकड़े में दो कॉलम बनाएँ। पहले कॉलम में वो लिखे जो “आप महसूस करते हैं।” दूसरे में लिखें कि “आपके ऐसा महसूस करने की वजह क्या है।” इस व्यायाम को पूरी तरह से रिलैक्स होकर करें। खुद के प्रति ईमानदारी दिखाएँ और सच लिखें।

अपने मन मुक्त कैसे करें

1. आप गुस्सा या झुंझलाहट महसूस करते हैं

रंगीन कागज़ का टुकड़ा लें और इसे कतरन यानी स्ट्रिप्स में फाड़ दें। ऐसा करते वक्त अपना ध्यान केन्द्रित रखें और इस काम को धीरे-धीरे करें।

इसके बाद कागज़ की इन कतरनों को आपस में गूथ लें। थोड़ा-थोड़ा करके आपको अपने गुस्से का समाधान मिलेगा।

2. आपको कुछ चीज़ों को समझने की ज़रूरत है

मंडल पेंट करें। मंडल एक तरह का चार्ट, डायग्राम या जियोमेट्रिक पैटर्न होता है जिसके माध्यम से आप दुनिया के आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व को समझ सकते हैं। इसके उपयोग से आपको अपना ध्यान केन्द्रित करने में सहायता मिलती है। मंडल में बने विभिन्न आकारों को रंगते हुए आपको अपने विचारों से शांति से जुड़ने का मौका मिलता है।

जैसे-जैसे आगे बढ़ते चलें, थोड़ा-थोड़ा करके आपको अपने सवालों का जवाब मिल जाएगा।

3. आपको आशंका होती है

सूरज जितनी ऊँचाई तक पहुंचने वाले लंबी जड़ों और ऊँची शाखाओं वाले पेड़ों का चित्र बनाएँ

4. आप चिंतित महसूस करते हैं

चिथड़ों से बनाई हुई गुड़िया यानी रैग डॉल बनाएँ 

जैसे-जैसे एक-एक चिथड़े या फटी हुई कतरन को आपस में जोड़कर उसे आकार देते जाएंगें, आपको अपने उस रूप से रूबरू होने का अवसर मिलेगा जहाँ आपको अपने अन्दर चीज़ों को रचने की ताकत के बारे में पता चलेगा। अपने इस मानव रूप को पहचान कर आपको बहुत शान्ति मिलेगी। 

5. आप व्याकुल महसूस करते हैं

यदि आप व्याकुल या चिंतित महसूस करते हैं, तो यह आपको ऑरिगामी (origami) की प्रैक्टिस करने से बहुत मदद मिल सकती है। इस नाजुक कला में कैंची या गोंद का इस्तेमाल किये बिना आप सिर्फ अपने हाथों से पेपर को फोल्ड करने का कौशल हासिल करते हैं।

6. आपको कुछ याद करने की ज़रूरत है

यदि आप कुछ याद रखना चाहते हैं, तो भूल-भुलैयां या चक्र-व्यूह के आकार का चित्र बनायें।

7. आप मानसिक थकावट महसूस कर रहे हैं

फ़ूलों के चित्र बनाएं।

8. किसी समस्या का हल ढूँढने की ज़रूरत है

लहरें उठाते महासागर का चित्र बनाएँ और उसके बाद चित्र के अनुसार रंग भरें।

9. खुद को किसी स्थिति में फंसा हुआ महसूस करते हैं, लेकिन उससे बाहर निकलने का रास्ता नहीं जानतें

अगर आप अपनी ज़िन्दगी के किसी ऐसे मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं, जहाँ आपके भीतर चिंता और बेचैनी ने घर कर लिया हो और ऐसा कम ही होता है जब आपका दिमाग इन उलझनों से खाली रहता हो, तो ऐसे में बेहतर महसूस करने के लिए स्पाइरल यानी छल्लों की आकृति ड्रा करें। यह बहुत शांति पहुँचता है।

इसे भी पढ़ें : इन तीन बौद्ध सिद्धांतों की मदद से अपने भावनाओं का रखें ख़याल

मन को मुक्त

10. आपको जानना है कि आप जीवन में क्या हासिल करना चाहते हैं

अगर अपने व्यक्तिगत जीवन के उस दोराहे पर खड़े हैं जहाँ आपको यह नहीं मालूम कि आप क्या चाहते हैं या स्वयं से किस चीज़ की उम्मीद रखते हैं, तो कोलाज बनाइये।

आपको जो भी इमेज या ड्राइंग पसंद हो, उसे काटकर इकट्ठा कर लें और फ़िर उसे देखकर समझने का प्रयास करें कि उसके माध्यम से आपको क्या संकेत मिल रहा है।

11. अपने विचारों को व्यवस्थित करने की ज़रूरत है

यदि अपने विचारों को व्यवस्थित करना चाहते हैं, तो आपको समकोण (रेक्टेंगल) बनाना चाहिए। इससे आपको काफ़ी मदद मिलेगी।

12. जब हताश महसूस कर रहे हैं

हम सब जिंदगी में ऐसे पलों से गुज़र चुके हैं, जब हमें हर चीज़ खुद पर हावी होती महसूस हुई है। ऐसे में महसूस होता है कि हम ज़िन्दगी को बोझ की तरह लादे हुए हैं।

ऐसा महसूस करने पर रास्तों के चित्र बनाना किसी खोज करने की क्रिया से कम नहीं है। ऐसी पगडंडी और रास्तों के चित्र बनाएँ, जो कट जाएं लेकिन फ़िर मजबूत पुलों से जुड़े हों।

13. अगर आप गुस्से में हैं

नाराज़ होना क्रोध जितना तीव्र नहीं होता है। यह तो एक ऐसी भरी स्थिति होती है, जहाँ हमारे ऊपर नकारात्मक सोच के बादल छा जाते हैं और हमारा इनसे बचना मुश्किल हो जाता है।

अगर आप ऐसा महसूस कर रहे हैं, तो खाली पन्नें पर रंगीन पेंसिल से रेखाएँ खीचना सहायक होगा।

इन्हें आज़मा कर देखें! यह जानकर आप हैरान हो जाएँगे कि कैसे सरल दिखने वाली ये युक्तियाँ आपके लिए इतनी मददगार साबित हो सकती हैं।