वज़न घटाने वाली वॉटर थेरेपी के बारे में जानें

20 अगस्त, 2018
क्या बगैर किसी परेशानी, दर्द या भूख के वज़न कम किया जा सकता है? जी हाँ! वॉटर थेरेपी से आपका पेट भी भरा-भरा रहेगा और आपका शरीर अत्यधिक विषैले तत्वों से निजात भी पा लेगा!

वॉटर थेरेपी पर बात करने से पहले हम जानना चाहेंगे, अपना कुछ किलो वज़न घटाने की आपकी कोशिश कैसी चल रही है? क्या आपको कोई परेशानी आ रही है? क्या आप एक के बाद एक डाइट अपना कर ऊब चुके हैं?

शुरुआती कोशिशों के बाद नतीजों से निराश हो जाना काफ़ी आम बात है। हो सकता है, कुछ हफ़्तों के बाद आपको अपने शरीर पर वे गिने-चुने मनचाहे असर दिखने भी बंद हो जाएँ। इसका कारण हमारे शरीर का उन बदलावों का आदी हो जाना है।

अपना वज़न कम करने के लिए अगर आप नये विकल्प तलाश रहे हैं या कुछ आसान करना चाहते हैं तो आपको एक बार वॉटर थेरेपी को आज़माकर देखना चाहिए।

क्या आपने इसके बारे में सुना है? अगर नहीं, या फिर अगर आपने उसके बारे में सुना तो है पर और जानना चाहते हैं तो आज हम आपको इसके बारे में संक्षेप में बताएँगे।

आप देखेंगे, अपने कई फायदों के बावजूद यह अपनाने में बेहद आसान है। इसके तहत आपको अपने अंदर कोई बड़े बदलाव लाने या खुद को अपनी चरम सीमा तक धकेलने की भी कोई ज़रूरत नहीं होती।

वज़न कम करने वाली वॉटर थेरेपी आखिर आई कहाँ से है?

हालांकि पश्चिम जगत में वॉटर थेरेपी ने अभी हाल ही में ख्याति अर्जित करनी शुरू की है, लेकिन जापान में यह काफ़ी पहले से ही मशहूर है।

जापान में इसका इस्तेमाल पेट साफ़ करने और पाचन तंत्र में सुधार लाने के लिए किया जाता है। साथ ही, यह भी पाया गया है कि अधिक ऊर्जा प्राप्त करने व वज़न घटाने में भी यह मदद करती है।

परंपरागत रूप से ऐसा कहा जाता है कि सुबह उठने के कुछ मिनट बाद ही हमें अच्छी-खासी मात्रा में पानी पी लेना चाहिए।

जापान में सुबह के शुरुआती चंद घंटों को “गोल्डन आवर्स” के नाम से जाना जाता है। जापानी लोगों की मान्यता है कि अधिक मात्रा में पानी पी लेने से हमारे पाचन तंत्र और समूचे स्वास्थ्य में काफ़ी सुधार आ जाता है

वॉटर थेरेपी क्या है?

वॉटर थेरेपी आखिर क्या है?

हालांकि इस उपचार का नाम थोड़ा जटिल लग सकता है या फिर किसी परहेज़ी इलाज की ओर इशारा कर सकता है, दरअसल यह बिल्कुल उसके विपरीत है।

वॉटर थेरेपी के कुछ विशिष्ट नियम या स्टेप्स होते हैं, जिनका पालन करना बेहद आसान है। ये हैं:

  • सुबह उठते ही 400 से 600 मिलीलीटर प्राकृतिक जल का सेवन करें। यह ज़रूरी है कि आप ऐसा किसी भी प्रकार का कोई खाद्य पदार्थ खाने से पहले करें। कुल मिलाकर, यह मात्रा पानी के 4 से 6 गिलास की बराबर होती है। अगर यह पानी गर्म है या फिर ठंड के मौसम में रूम टेम्परेचर पर है तब तो क्या कहने! अगर आप इसे थोड़ा स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं तो इसमें नींबू का ताज़ा रस डाल सकते हैं। ध्यान रहे, किसी स्वीटनर का इस्तेमाल न करें।
  • अपने दाँतों को ब्रश कर कुछ भी खाने से पहले कम से कम 45 मिनट का इंतज़ार करें। इस बात की चिंता न करें कि सुबह उठने पर आपके पेट में चूहे कूद रहे थे। इतनी मात्रा में पानी पी लेने से आप भरा-भरा महसूस करेंगे और कम से कम 45 मिनट तक खुद को रोक पाएंगे।
  • आपका नाश्ता हल्का-फुल्का होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होना चाहिए। नेचुरल, आर्गेनिक और उच्च गुणवत्ता वाले भोजन का सेवन कर अपने दिन की सही शुरुआत करना बेहद ज़रूरी होता है। प्रोसेस्ड फूड, मांस-मछली या सलाद अच्छे विकल्प होते हैं। ओट्स, नट्स और दूध में भी कोई खराबी नहीं है।
  • वॉटर थेरेपी के असरदार होने के लिए आपको सारा दिन हल्का खान-पान करना चाहिए
  • खाने के दो घंटे बाद तक किसी भी तरल को पीने से बचें। हाँ, ध्यान रखें कि आपको दिन में कम से कम दो लीटर पानी ज़रूर पीना चाहिए।

वॉटर थेरेपी से वज़न कम करने के सामान्य सुझाव

वॉटर थेरेपी के इस्तेमाल से वज़न कम करें
  • अपने शरीर को हाइड्रेट करने के लिए आप पानी में एक चुटकी नमक डाल सकते हैं। लेकिन अगर आपको कोई स्वास्थ्य-संबंधी समस्या है तो सोच-समझकर ही नमक का इस्तेमाल करें। अगर आपके डॉक्टर ने आपको कम सोडियम वाले आहार का सेवन करने को कहा है तो नमक का इस्तेमाल न करें। आपका शरीर खुद-ब-खुद सारे पानी को सोख लेगा।
  • कॉफ़ी, शराब या किसी भी किस्म के तकलीफदेह पदार्थ से परहेज़ करें। चूंकि वॉटर थेरेपी का लक्ष्य आपके शरीर को ज़्यादा तंदरुस्त बनाना होता है, इन ड्रिंक्स को पीने से आपके शरीर को और भी ज़्यादा नुकसान पहुँच सकता है। इससे बचने के लिए कुछ वक़्त के लिए इन्हें पीना छोड़ दें। अगर उसे स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं तो छोटी-छोटी मात्र में हरी स्मूदी या नेचुरल फ्रूट जूस का सेवन करें

अगर आपको कोई ऐसा रोग है, जिसमें आपको अपने आहार का सख्त ध्यान रखना पड़ता है तो इस थेरेपी को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की राय ज़रूर ले लें।

तो, क्या आप इस थेरेपी के बारे में जानते थे? क्या आपने इसे आज़माकर देखा है? क्या इससे आपको कोई फायदा मिला?